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बच्चों को दीजिए गरिमामय बचपन

न्यू मार्केट हो या कोई और मार्केट, भोपाल हो या कनॉट प्लेस दिल्ली हर शहर के चौराहे पर अक्सर गाड़ी रूकने पर भिक्षा मांगने वाली कुछ युवा महिलाएं गाड़ी के कांच से झांकने लगती है। मन को कचोटने वाली बात यह नहीं है कि वे औरतें भीख मांग रही हैं क्योंकि वे राजस्थान की या आसपास की कुछ ऐसी जातियों की औरतें होती हैं जिनके लिए भिक्षा मांगना उनकी मजबूरी नहीं उनका पेशा है वे भिक्षा के साथ-साथ मौका लगते ही गाड़ी से आपका मोबाइल, लेपटाप, सामान गायब करने की कला भी जानती है। क्योंकि उनका पेशा चोरी है और भिक्षावृत्ति उसका माध्यम है। मन को जो कचोटती है वो बात बेहद मार्मिक है इन औरतों की गोद में एकदम छोटी उम्र का कुपोषित, अफीम चटाकर सुलाया हुआ मरियल पिल्ले जैसे पकड़ा हुआ हाथ मोड़कर पट्टी बंधा पैर पर नकली प्लास्टर चढ़ा बच्चा। हाथ में दूध की खाली बोतल पकड़े गर्दन लटकते बच्चों को सम्भालती ये औरतें गिड़गिड़ाती है ‘बच्चा’ लोगों में दया और सहानुभूति का कारण बनता है और भीख मिल जाती है। क्या ऐसा कोई कानून है जो भीक्षावृत्ति पर रोक लगाए? निश्चय ही कानून है जिसके अनुसार भिक्षावृत्ति कानूनी अपराध है पर हम सब इसके रोकने के लि...

पुत्रीवती भवः का आशीर्वाद दीजिए

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   डा. स्वाति तिवारी क्या आप चाहते हैं कि आपका वंशज कुंवारा रह जाए? आपकी वंशबेल बगैर फले ही सुख जाए? आपकी देहरी पर दिया धरने वाला कोई ना हो? आपका नाम लेवा भी ना बचे? चौंकिए मत ऐसा ही कुछ भविष्य में होने वाला है अगर समय रहते नहीं सम्भले तो? 29 अक्टूबर 2007 को हैदराबाद में आयोजित एशिया-पेसिफिक कान्फ्रेंस में ऐसी ही कुछ भविष्य की चुनौतियाँ सामने आयी हैं। लिंग चयन के कारण भारत में सन 2050 तक 2 करोड़ 80 लाख पुरूषों की शादियाँ नहीं हो पाएंगी। इन चुनौतियों और चेतावनी के लिए हमारी सामाजिक व्यवस्था का ‘‘पुत्र-प्रेम’’ जिम्मेदार माना जा सकता क्योंकि हर किसी को सन्तान के रूप में बेटे की चाहत है। हमारे बुजुर्ग अगर ‘‘पुत्रवती भवः’’ और दुधों नहाओ पुतों फलो का आशीर्वाद देते रहे तो। यह दिन दूर नहीं है। सोचने और समझने का वक्त आ गया है आज यदि हम अपने हित और स्वार्थ पर ऐसा कोई निण्रय लेते हैं तो वह आगे जाकर हमारे ही परिवार और समाज के लिए घातक और चिन्ताजनक मोड़ ला सकता है। आपकी तरह और लोग भी पुत्र मोह में फंसे हैं - तो जब सबके घर पुत्र ही जन्म लेने लगेंगे तो पुत्र-वधु कहाँ से लाए...
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मालवा के प्रखर पत्रकार प्रभाष जोशी पर केन्द्रित पुस्तक शब्दों के दरवेश   का विमोचन   इंदौर   प्रेस क्लब द्वारा आयोजित भाषाई पत्रकारिता महोत्सव में महामहिम उप राष्ट्रपति श्री हामिद अंसारी ने किया  . कार्यक्रम में   मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह ,आलोचक         नामवर सिंह भी  उपस्थित थे .
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