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हिन्दी मेंविश्वभाषाबननेकीतमामसंभावनाएंमौजूद
जोहान्सबर्ग - विश्वहिंदीसम्मेलनसेलौटकरडॉ. स्वातितिवारी

हिन्दीकोविश्वभाषाबनानेकासपनालिए1975मेंनागपुरसेशुरूहुईसंकल्पयात्रादक्षिणअफ्रीकाकेजोहान्सबर्गमेंअपनेनवेंपायदानपरपहुंची।दक्षिणअफ्रीकाकीराजधानीऔरमहात्मागांधीकेसत्याग्रहकीकर्मस्थलीऐतिहासिकनगरजोहान्सबर्गकेभव्यसैंडटनकन्वेशनसेंटरगत22, 23और24सितंबरतीनदिनोंकेलिएग्लोबलगांधीग्राममेंबदलगयाथाजहांविश्वभरसेआएहजारोंहिन्दीप्रेमियों, हिन्दीसेवीप्रतिनिधियोंकेसमक्ष9वांविश्वहिन्दीसम्मेलनअपनीसार्थकतासिद्धकरतेहुयेसम्पन्नहुआ।

समारोहविभिन्नसत्रोंमेंसंचालितहुआ।भिन्न-भिन्नविषयोंपरकेन्द्रितसमानान्तरशैक्षणिकसत्रोंमेंनाकेवलशोधपत्रोंकावाचनहुआबल्किविचार-विमर्शएवंखुलीचर्चाओंकेमाध्यमसेविषयोंकामंथनहुआ, जिनकेआधारपरयहतथ्यनिकलकरआयाकिस्वतंत्रताकेबादसेअबतकहिन्दीकाचरित्रअधिकसमावेशी, लोकतांत्रिकएवंउदारहुआहै।हिन्दीकेवलएकभाषानहींहैवहभारतकीसामासिकसंस्कृति