स्वाति तिवारी साहित्य अकादमी भोपाल में रचनापाठ करते हुए

टिप्पणियाँ

  1. स्वाति जी आपके रचना पाठ को हम भी सुनना चाहते हैं। मगर अफसोस की हम भोपाल में नहीं है। दुख इस बात का भी है कि आपने जिस रचना का पाठ किया. उसका कम से कम ब्लॉग पर कुछ अंश ही प्रकाशित कर देती ।

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